पंचांग · New Delhi
17 April 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:48
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अमावस्या | तक 17:22 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रेवती | तक 12:02 |
| योगसूर्य + चंद्र | वैधृति | तक 07:20 |
| करणआधी तिथि | चतुष्पाद | तक 06:50 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:55 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:44 – 12:20
- यमगण्डअशुभ 15:34 – 17:11
- गुलिक कालअशुभ 07:30 – 09:07
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:53 – 18:48
- चल 05:53 – 07:30
- लाभ 07:30 – 09:07
- अमृत 09:07 – 10:44
- काल 10:44 – 12:20
- शुभ 12:20 – 13:57
- रोग 13:57 – 15:34
- उद्वेग 15:34 – 17:11
- चल 17:11 – 18:48
☾ रात 18:48 – 05:52
- रोग 18:48 – 20:11
- काल 20:11 – 21:34
- लाभ 21:34 – 22:57
- उद्वेग 22:57 – 00:20
- शुभ 00:20 – 01:43
- अमृत 01:43 – 03:06
- चल 03:06 – 04:29
- रोग 04:29 – 05:52
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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