पंचांग · New Delhi
18 April 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:48
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल प्रतिपदा | तक 14:11 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अश्विनी | तक 09:42 |
| योगसूर्य + चंद्र | प्रीति | तक 23:55 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 14:11 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:06 – 10:43
- यमगण्डअशुभ 13:57 – 15:34
- गुलिक कालअशुभ 05:52 – 07:29
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:52 – 18:48
- काल 05:52 – 07:29
- शुभ 07:29 – 09:06
- रोग 09:06 – 10:43
- उद्वेग 10:43 – 12:20
- चल 12:20 – 13:57
- लाभ 13:57 – 15:34
- अमृत 15:34 – 17:11
- काल 17:11 – 18:48
☾ रात 18:48 – 05:51
- लाभ 18:48 – 20:11
- उद्वेग 20:11 – 21:34
- शुभ 21:34 – 22:57
- अमृत 22:57 – 00:20
- चल 00:20 – 01:43
- रोग 01:43 – 03:05
- काल 03:05 – 04:28
- लाभ 04:28 – 05:51
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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