पंचांग · New Delhi
20 April 2026
सोमवार · स्वामी चंद्र
सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:49
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 07:28 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रोहिणी | तक 02:08 |
| योगसूर्य + चंद्र | सौभाग्य | तक 16:10 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 07:28 |
| वारवार | सोमवार | चंद्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 07:28 – 09:05
- यमगण्डअशुभ 10:42 – 12:20
- गुलिक कालअशुभ 13:57 – 15:35
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:50 – 18:49
- अमृत 05:50 – 07:28
- काल 07:28 – 09:05
- शुभ 09:05 – 10:42
- रोग 10:42 – 12:20
- उद्वेग 12:20 – 13:57
- चल 13:57 – 15:35
- लाभ 15:35 – 17:12
- अमृत 17:12 – 18:49
☾ रात 18:49 – 05:49
- चल 18:49 – 20:12
- रोग 20:12 – 21:34
- काल 21:34 – 22:57
- लाभ 22:57 – 00:19
- उद्वेग 00:19 – 01:42
- शुभ 01:42 – 03:04
- अमृत 03:04 – 04:27
- चल 04:27 – 05:49
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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