पंचांग · New Delhi
22 April 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:51
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल षष्ठी | तक 22:50 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आर्द्रा | तक 22:12 |
| योगसूर्य + चंद्र | अतिगण्ड | तक 09:07 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 12:02 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:19 – 13:57
- यमगण्डअशुभ 07:26 – 09:04
- गुलिक कालअशुभ 10:42 – 12:19
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:48 – 18:51
- लाभ 05:48 – 07:26
- अमृत 07:26 – 09:04
- काल 09:04 – 10:42
- शुभ 10:42 – 12:19
- रोग 12:19 – 13:57
- उद्वेग 13:57 – 15:35
- चल 15:35 – 17:13
- लाभ 17:13 – 18:51
☾ रात 18:51 – 05:47
- उद्वेग 18:51 – 20:13
- शुभ 20:13 – 21:35
- अमृत 21:35 – 22:57
- चल 22:57 – 00:19
- रोग 00:19 – 01:41
- काल 01:41 – 03:03
- लाभ 03:03 – 04:25
- उद्वेग 04:25 – 05:47
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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