पंचांग · New Delhi
23 April 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
18:51
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल सप्तमी | तक 20:50 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुनर्वसु | तक 20:57 |
| योगसूर्य + चंद्र | सुकर्मा | तक 06:06 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 09:46 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:57 – 15:35
- यमगण्डअशुभ 05:47 – 07:25
- गुलिक कालअशुभ 09:03 – 10:41
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:47 – 18:51
- शुभ 05:47 – 07:25
- रोग 07:25 – 09:03
- उद्वेग 09:03 – 10:41
- चल 10:41 – 12:19
- लाभ 12:19 – 13:57
- अमृत 13:57 – 15:35
- काल 15:35 – 17:13
- शुभ 17:13 – 18:51
☾ रात 18:51 – 05:46
- अमृत 18:51 – 20:13
- चल 20:13 – 21:35
- रोग 21:35 – 22:57
- काल 22:57 – 00:19
- लाभ 00:19 – 01:41
- उद्वेग 01:41 – 03:02
- शुभ 03:02 – 04:24
- अमृत 04:24 – 05:46
शुभ सामान्य बचें
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