पंचांग · New Delhi
29 April 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:55
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल त्रयोदशी | तक 19:52 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | हस्त | तक 00:16 |
| योगसूर्य + चंद्र | हर्षण | तक 20:50 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 07:20 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:52 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:18 – 13:57
- यमगण्डअशुभ 07:21 – 09:00
- गुलिक कालअशुभ 10:39 – 12:18
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:42 – 18:55
- लाभ 05:42 – 07:21
- अमृत 07:21 – 09:00
- काल 09:00 – 10:39
- शुभ 10:39 – 12:18
- रोग 12:18 – 13:57
- उद्वेग 13:57 – 15:37
- चल 15:37 – 17:16
- लाभ 17:16 – 18:55
☾ रात 18:55 – 05:41
- उद्वेग 18:55 – 20:16
- शुभ 20:16 – 21:36
- अमृत 21:36 – 22:57
- चल 22:57 – 00:18
- रोग 00:18 – 01:39
- काल 01:39 – 02:59
- लाभ 02:59 – 04:20
- उद्वेग 04:20 – 05:41
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें