पंचांग · New Delhi
01 May 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:56
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पूर्णिमा | तक 22:54 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | स्वाति | तक 04:35 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्धि | तक 21:11 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 10:01 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:38 – 12:18
- यमगण्डअशुभ 15:37 – 17:16
- गुलिक कालअशुभ 07:19 – 08:59
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:40 – 18:56
- चल 05:40 – 07:19
- लाभ 07:19 – 08:59
- अमृत 08:59 – 10:38
- काल 10:38 – 12:18
- शुभ 12:18 – 13:57
- रोग 13:57 – 15:37
- उद्वेग 15:37 – 17:16
- चल 17:16 – 18:56
☾ रात 18:56 – 05:39
- रोग 18:56 – 20:16
- काल 20:16 – 21:37
- लाभ 21:37 – 22:57
- उद्वेग 22:57 – 00:18
- शुभ 00:18 – 01:38
- अमृत 01:38 – 02:58
- चल 02:58 – 04:19
- रोग 04:19 – 05:39
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें