पंचांग · New Delhi
02 May 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:57
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण प्रतिपदा | तक 00:51 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 07:09 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 21:43 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 11:50 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 08:58 – 10:38
- यमगण्डअशुभ 13:58 – 15:37
- गुलिक कालअशुभ 05:39 – 07:19
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:39 – 18:57
- काल 05:39 – 07:19
- शुभ 07:19 – 08:58
- रोग 08:58 – 10:38
- उद्वेग 10:38 – 12:18
- चल 12:18 – 13:58
- लाभ 13:58 – 15:37
- अमृत 15:37 – 17:17
- काल 17:17 – 18:57
☾ रात 18:57 – 05:38
- लाभ 18:57 – 20:17
- उद्वेग 20:17 – 21:37
- शुभ 21:37 – 22:57
- अमृत 22:57 – 00:17
- चल 00:17 – 01:38
- रोग 01:38 – 02:58
- काल 02:58 – 04:18
- लाभ 04:18 – 05:38
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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