पंचांग · New Delhi
03 May 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:57
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वितीया | तक 03:03 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 07:09 |
| योगसूर्य + चंद्र | वरीयान | तक 22:26 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 13:55 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:17 – 18:57
- यमगण्डअशुभ 12:18 – 13:58
- गुलिक कालअशुभ 15:37 – 17:17
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:38 – 18:57
- उद्वेग 05:38 – 07:18
- चल 07:18 – 08:58
- लाभ 08:58 – 10:38
- अमृत 10:38 – 12:18
- काल 12:18 – 13:58
- शुभ 13:58 – 15:37
- रोग 15:37 – 17:17
- उद्वेग 17:17 – 18:57
☾ रात 18:57 – 05:37
- शुभ 18:57 – 20:17
- अमृत 20:17 – 21:37
- चल 21:37 – 22:57
- रोग 22:57 – 00:17
- काल 00:17 – 01:37
- लाभ 01:37 – 02:57
- उद्वेग 02:57 – 04:17
- शुभ 04:17 – 05:37
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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