पंचांग · New Delhi
04 May 2026
सोमवार · स्वामी चंद्र
सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:58
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण तृतीया | तक 05:25 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अनुराधा | तक 09:57 |
| योगसूर्य + चंद्र | परिघ | तक 23:18 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 16:13 |
| वारवार | सोमवार | चंद्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 07:18 – 08:58
- यमगण्डअशुभ 10:38 – 12:18
- गुलिक कालअशुभ 13:58 – 15:38
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:37 – 18:58
- अमृत 05:37 – 07:18
- काल 07:18 – 08:58
- शुभ 08:58 – 10:38
- रोग 10:38 – 12:18
- उद्वेग 12:18 – 13:58
- चल 13:58 – 15:38
- लाभ 15:38 – 17:18
- अमृत 17:18 – 18:58
☾ रात 18:58 – 05:37
- चल 18:58 – 20:18
- रोग 20:18 – 21:38
- काल 21:38 – 22:57
- लाभ 22:57 – 00:17
- उद्वेग 00:17 – 01:37
- शुभ 01:37 – 02:57
- अमृत 02:57 – 04:17
- चल 04:17 – 05:37
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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