पंचांग · New Delhi
05 May 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:58
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्थी | तक 07:52 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | ज्येष्ठा | तक 12:54 |
| योगसूर्य + चंद्र | शिव | तक 00:15 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 18:39 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:38 – 17:18
- यमगण्डअशुभ 08:57 – 10:37
- गुलिक कालअशुभ 12:18 – 13:58
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:37 – 18:58
- रोग 05:37 – 07:17
- उद्वेग 07:17 – 08:57
- चल 08:57 – 10:37
- लाभ 10:37 – 12:18
- अमृत 12:18 – 13:58
- काल 13:58 – 15:38
- शुभ 15:38 – 17:18
- रोग 17:18 – 18:58
☾ रात 18:58 – 05:36
- काल 18:58 – 20:18
- लाभ 20:18 – 21:38
- उद्वेग 21:38 – 22:57
- शुभ 22:57 – 00:17
- अमृत 00:17 – 01:37
- चल 01:37 – 02:57
- रोग 02:57 – 04:16
- काल 04:16 – 05:36
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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