पंचांग · New Delhi
06 May 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:59
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्थी | तक 07:52 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मूल | तक 15:53 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्ध | तक 01:10 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 07:52 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:17 – 13:58
- यमगण्डअशुभ 07:16 – 08:57
- गुलिक कालअशुभ 10:37 – 12:17
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:36 – 18:59
- लाभ 05:36 – 07:16
- अमृत 07:16 – 08:57
- काल 08:57 – 10:37
- शुभ 10:37 – 12:17
- रोग 12:17 – 13:58
- उद्वेग 13:58 – 15:38
- चल 15:38 – 17:19
- लाभ 17:19 – 18:59
☾ रात 18:59 – 05:35
- उद्वेग 18:59 – 20:19
- शुभ 20:19 – 21:38
- अमृत 21:38 – 22:58
- चल 22:58 – 00:17
- रोग 00:17 – 01:37
- काल 01:37 – 02:56
- लाभ 02:56 – 04:16
- उद्वेग 04:16 – 05:35
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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