पंचांग · New Delhi
07 May 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
19:00
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण पंचमी | तक 10:15 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा | तक 18:45 |
| योगसूर्य + चंद्र | साध्य | तक 01:57 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 10:15 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:58 – 15:39
- यमगण्डअशुभ 05:35 – 07:16
- गुलिक कालअशुभ 08:56 – 10:37
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:35 – 19:00
- शुभ 05:35 – 07:16
- रोग 07:16 – 08:56
- उद्वेग 08:56 – 10:37
- चल 10:37 – 12:17
- लाभ 12:17 – 13:58
- अमृत 13:58 – 15:39
- काल 15:39 – 17:19
- शुभ 17:19 – 19:00
☾ रात 19:00 – 05:34
- अमृत 19:00 – 20:19
- चल 20:19 – 21:38
- रोग 21:38 – 22:58
- काल 22:58 – 00:17
- लाभ 00:17 – 01:36
- उद्वेग 01:36 – 02:56
- शुभ 02:56 – 04:15
- अमृत 04:15 – 05:34
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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