पंचांग · New Delhi
10 May 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
19:01
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अष्टमी | तक 15:07 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | धनिष्ठा | तक 00:49 |
| योगसूर्य + चंद्र | ब्रह्म | तक 02:07 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 15:07 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:20 – 19:01
- यमगण्डअशुभ 12:17 – 13:58
- गुलिक कालअशुभ 15:39 – 17:20
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:33 – 19:01
- उद्वेग 05:33 – 07:14
- चल 07:14 – 08:55
- लाभ 08:55 – 10:36
- अमृत 10:36 – 12:17
- काल 12:17 – 13:58
- शुभ 13:58 – 15:39
- रोग 15:39 – 17:20
- उद्वेग 17:20 – 19:01
☾ रात 19:01 – 05:32
- शुभ 19:01 – 20:20
- अमृत 20:20 – 21:39
- चल 21:39 – 22:58
- रोग 22:58 – 00:17
- काल 00:17 – 01:36
- लाभ 01:36 – 02:55
- उद्वेग 02:55 – 04:13
- शुभ 04:13 – 05:32
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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