पंचांग · New Delhi
13 May 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
19:03
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण एकादशी | तक 13:31 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा | तक 00:17 |
| योगसूर्य + चंद्र | विष्कुम्भ | तक 20:53 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 13:31 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:17 – 13:59
- यमगण्डअशुभ 07:13 – 08:54
- गुलिक कालअशुभ 10:36 – 12:17
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:31 – 19:03
- लाभ 05:31 – 07:13
- अमृत 07:13 – 08:54
- काल 08:54 – 10:36
- शुभ 10:36 – 12:17
- रोग 12:17 – 13:59
- उद्वेग 13:59 – 15:40
- चल 15:40 – 17:22
- लाभ 17:22 – 19:03
☾ रात 19:03 – 05:30
- उद्वेग 19:03 – 20:22
- शुभ 20:22 – 21:40
- अमृत 21:40 – 22:58
- चल 22:58 – 00:17
- रोग 00:17 – 01:35
- काल 01:35 – 02:54
- लाभ 02:54 – 04:12
- उद्वेग 04:12 – 05:30
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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