पंचांग · New Delhi
15 May 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
19:05
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण त्रयोदशी | तक 08:32 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अश्विनी | तक 20:14 |
| योगसूर्य + चंद्र | आयुष्मान | तक 14:20 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 08:32 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:35 – 12:17
- यमगण्डअशुभ 15:41 – 17:23
- गुलिक कालअशुभ 07:12 – 08:53
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:30 – 19:05
- चल 05:30 – 07:12
- लाभ 07:12 – 08:53
- अमृत 08:53 – 10:35
- काल 10:35 – 12:17
- शुभ 12:17 – 13:59
- रोग 13:59 – 15:41
- उद्वेग 15:41 – 17:23
- चल 17:23 – 19:05
☾ रात 19:05 – 05:29
- रोग 19:05 – 23:23
- काल 23:23 – 03:41
- लाभ 03:41 – 07:59
- उद्वेग 07:59 – 12:17
- शुभ 12:17 – 16:35
- अमृत 16:35 – 20:53
- चल 20:53 – 01:11
- रोग 01:11 – 05:29
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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