पंचांग · New Delhi
16 May 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
19:06
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल प्रतिपदा | तक 21:41 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | कृत्तिका | तक 14:31 |
| योगसूर्य + चंद्र | शोभन | तक 06:14 |
| करणआधी तिथि | किंस्तुघ्न | तक 11:37 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:44
- राहु कालनया काम न शुरू करें 08:53 – 10:35
- यमगण्डअशुभ 13:59 – 15:41
- गुलिक कालअशुभ 05:29 – 07:11
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:29 – 19:06
- काल 05:29 – 07:11
- शुभ 07:11 – 08:53
- रोग 08:53 – 10:35
- उद्वेग 10:35 – 12:17
- चल 12:17 – 13:59
- लाभ 13:59 – 15:41
- अमृत 15:41 – 17:24
- काल 17:24 – 19:06
☾ रात 19:06 – 05:28
- लाभ 19:06 – 20:24
- उद्वेग 20:24 – 21:41
- शुभ 21:41 – 22:59
- अमृत 22:59 – 00:17
- चल 00:17 – 01:35
- रोग 01:35 – 02:53
- काल 02:53 – 04:10
- लाभ 04:10 – 05:28
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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