पंचांग · New Delhi
17 May 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
19:06
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल द्वितीया | तक 17:54 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रोहिणी | तक 11:31 |
| योगसूर्य + चंद्र | सुकर्मा | तक 21:46 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 07:47 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:24 – 19:06
- यमगण्डअशुभ 12:17 – 14:00
- गुलिक कालअशुभ 15:42 – 17:24
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:28 – 19:06
- उद्वेग 05:28 – 07:10
- चल 07:10 – 08:53
- लाभ 08:53 – 10:35
- अमृत 10:35 – 12:17
- काल 12:17 – 14:00
- शुभ 14:00 – 15:42
- रोग 15:42 – 17:24
- उद्वेग 17:24 – 19:06
☾ रात 19:06 – 05:28
- शुभ 19:06 – 20:24
- अमृत 20:24 – 21:42
- चल 21:42 – 22:59
- रोग 22:59 – 00:17
- काल 00:17 – 01:35
- लाभ 01:35 – 02:52
- उद्वेग 02:52 – 04:10
- शुभ 04:10 – 05:28
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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