पंचांग · New Delhi
21 May 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:09
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल षष्ठी | तक 06:25 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आश्लेषा | तक 02:07 |
| योगसूर्य + चंद्र | वृद्धि | तक 08:17 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 06:25 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:50 – 12:45
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:00 – 15:43
- यमगण्डअशुभ 05:26 – 07:09
- गुलिक कालअशुभ 08:52 – 10:35
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:26 – 19:09
- शुभ 05:26 – 07:09
- रोग 07:09 – 08:52
- उद्वेग 08:52 – 10:35
- चल 10:35 – 12:17
- लाभ 12:17 – 14:00
- अमृत 14:00 – 15:43
- काल 15:43 – 17:26
- शुभ 17:26 – 19:09
☾ रात 19:09 – 05:26
- अमृत 19:09 – 20:26
- चल 20:26 – 21:43
- रोग 21:43 – 23:00
- काल 23:00 – 00:17
- लाभ 00:17 – 01:34
- उद्वेग 01:34 – 02:52
- शुभ 02:52 – 04:09
- अमृत 04:09 – 05:26
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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