पंचांग · New Delhi
28 May 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:13
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल त्रयोदशी | तक 09:51 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | स्वाति | तक 10:37 |
| योगसूर्य + चंद्र | परिघ | तक 04:34 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 09:51 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:02 – 15:45
- यमगण्डअशुभ 05:24 – 07:07
- गुलिक कालअशुभ 08:51 – 10:35
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:24 – 19:13
- शुभ 05:24 – 07:07
- रोग 07:07 – 08:51
- उद्वेग 08:51 – 10:35
- चल 10:35 – 12:18
- लाभ 12:18 – 14:02
- अमृत 14:02 – 15:45
- काल 15:45 – 17:29
- शुभ 17:29 – 19:13
☾ रात 19:13 – 05:23
- अमृत 19:13 – 20:29
- चल 20:29 – 21:45
- रोग 21:45 – 23:02
- काल 23:02 – 00:18
- लाभ 00:18 – 01:34
- उद्वेग 01:34 – 02:51
- शुभ 02:51 – 04:07
- अमृत 04:07 – 05:23
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें