पंचांग · New Delhi
29 May 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:13
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्दशी | तक 11:59 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 13:20 |
| योगसूर्य + चंद्र | शिव | तक 05:23 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 11:59 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:46
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:35 – 12:18
- यमगण्डअशुभ 15:46 – 17:29
- गुलिक कालअशुभ 07:07 – 08:51
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:23 – 19:13
- चल 05:23 – 07:07
- लाभ 07:07 – 08:51
- अमृत 08:51 – 10:35
- काल 10:35 – 12:18
- शुभ 12:18 – 14:02
- रोग 14:02 – 15:46
- उद्वेग 15:46 – 17:29
- चल 17:29 – 19:13
☾ रात 19:13 – 05:23
- रोग 19:13 – 20:29
- काल 20:29 – 21:46
- लाभ 21:46 – 23:02
- उद्वेग 23:02 – 00:18
- शुभ 00:18 – 01:34
- अमृत 01:34 – 02:51
- चल 02:51 – 04:07
- रोग 04:07 – 05:23
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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