पंचांग · New Delhi
02 June 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:15
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण तृतीया | तक 21:22 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा | तक 00:59 |
| योगसूर्य + चंद्र | शुभ | तक 08:10 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 08:13 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:47 – 17:31
- यमगण्डअशुभ 08:51 – 10:35
- गुलिक कालअशुभ 12:19 – 14:03
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:23 – 19:15
- रोग 05:23 – 07:07
- उद्वेग 07:07 – 08:51
- चल 08:51 – 10:35
- लाभ 10:35 – 12:19
- अमृत 12:19 – 14:03
- काल 14:03 – 15:47
- शुभ 15:47 – 17:31
- रोग 17:31 – 19:15
☾ रात 19:15 – 05:22
- काल 19:15 – 20:31
- लाभ 20:31 – 21:47
- उद्वेग 21:47 – 23:03
- शुभ 23:03 – 00:19
- अमृत 00:19 – 01:35
- चल 01:35 – 02:51
- रोग 02:51 – 04:07
- काल 04:07 – 05:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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