पंचांग · New Delhi
03 June 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:16
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्थी | तक 23:31 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा | तक 03:41 |
| योगसूर्य + चंद्र | शुक्ल | तक 09:01 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 10:29 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:51 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:19 – 14:03
- यमगण्डअशुभ 07:07 – 08:51
- गुलिक कालअशुभ 10:35 – 12:19
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:22 – 19:16
- लाभ 05:22 – 07:07
- अमृत 07:07 – 08:51
- काल 08:51 – 10:35
- शुभ 10:35 – 12:19
- रोग 12:19 – 14:03
- उद्वेग 14:03 – 15:47
- चल 15:47 – 17:31
- लाभ 17:31 – 19:16
☾ रात 19:16 – 05:22
- उद्वेग 19:16 – 20:31
- शुभ 20:31 – 21:47
- अमृत 21:47 – 23:03
- चल 23:03 – 00:19
- रोग 00:19 – 01:35
- काल 01:35 – 02:51
- लाभ 02:51 – 04:06
- उद्वेग 04:06 – 05:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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