पंचांग · New Delhi
05 June 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:17
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण षष्ठी | तक 02:42 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | श्रवण | तक 06:03 |
| योगसूर्य + चंद्र | इन्द्र | तक 10:03 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 14:06 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:52 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:35 – 12:19
- यमगण्डअशुभ 15:48 – 17:32
- गुलिक कालअशुभ 07:07 – 08:51
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:22 – 19:17
- चल 05:22 – 07:07
- लाभ 07:07 – 08:51
- अमृत 08:51 – 10:35
- काल 10:35 – 12:19
- शुभ 12:19 – 14:04
- रोग 14:04 – 15:48
- उद्वेग 15:48 – 17:32
- चल 17:32 – 19:17
☾ रात 19:17 – 05:22
- रोग 19:17 – 20:32
- काल 20:32 – 21:48
- लाभ 21:48 – 23:04
- उद्वेग 23:04 – 00:19
- शुभ 00:19 – 01:35
- अमृत 01:35 – 02:51
- चल 02:51 – 04:06
- रोग 04:06 – 05:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें