पंचांग · New Delhi
11 June 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:19
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वादशी | तक 19:37 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अश्विनी | तक 06:28 |
| योगसूर्य + चंद्र | अतिगण्ड | तक 21:25 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 09:11 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:48
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:05 – 15:50
- यमगण्डअशुभ 05:22 – 07:07
- गुलिक कालअशुभ 08:51 – 10:36
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:22 – 19:19
- शुभ 05:22 – 07:07
- रोग 07:07 – 08:51
- उद्वेग 08:51 – 10:36
- चल 10:36 – 12:21
- लाभ 12:21 – 14:05
- अमृत 14:05 – 15:50
- काल 15:50 – 17:34
- शुभ 17:34 – 19:19
☾ रात 19:19 – 05:22
- अमृत 19:19 – 20:34
- चल 20:34 – 21:50
- रोग 21:50 – 23:05
- काल 23:05 – 00:21
- लाभ 00:21 – 01:36
- उद्वेग 01:36 – 02:51
- शुभ 02:51 – 04:07
- अमृत 04:07 – 05:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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