पंचांग · New Delhi
12 June 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:19
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण त्रयोदशी | तक 16:08 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | कृत्तिका | तक 01:16 |
| योगसूर्य + चंद्र | सुकर्मा | तक 17:27 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 05:56 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:53 – 12:49
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:36 – 12:21
- यमगण्डअशुभ 15:50 – 17:35
- गुलिक कालअशुभ 07:07 – 08:51
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:22 – 19:19
- चल 05:22 – 07:07
- लाभ 07:07 – 08:51
- अमृत 08:51 – 10:36
- काल 10:36 – 12:21
- शुभ 12:21 – 14:05
- रोग 14:05 – 15:50
- उद्वेग 15:50 – 17:35
- चल 17:35 – 19:19
☾ रात 19:19 – 05:22
- रोग 19:19 – 20:35
- काल 20:35 – 21:50
- लाभ 21:50 – 23:05
- उद्वेग 23:05 – 00:21
- शुभ 00:21 – 01:36
- अमृत 01:36 – 02:51
- चल 02:51 – 04:07
- रोग 04:07 – 05:22
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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