पंचांग · New Delhi
16 June 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:21
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 21:39 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुनर्वसु | तक 13:36 |
| योगसूर्य + चंद्र | ध्रुव | तक 20:49 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 11:12 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:51 – 17:36
- यमगण्डअशुभ 08:52 – 10:37
- गुलिक कालअशुभ 12:22 – 14:06
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:22 – 19:21
- रोग 05:22 – 07:07
- उद्वेग 07:07 – 08:52
- चल 08:52 – 10:37
- लाभ 10:37 – 12:22
- अमृत 12:22 – 14:06
- काल 14:06 – 15:51
- शुभ 15:51 – 17:36
- रोग 17:36 – 19:21
☾ रात 19:21 – 05:23
- काल 19:21 – 20:36
- लाभ 20:36 – 21:51
- उद्वेग 21:51 – 23:06
- शुभ 23:06 – 00:22
- अमृत 00:22 – 01:37
- चल 01:37 – 02:52
- रोग 02:52 – 04:07
- काल 04:07 – 05:23
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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