पंचांग · New Delhi
17 June 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:21
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्थी | तक 18:59 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुष्य | तक 11:32 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्याघात | तक 17:34 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 08:15 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:22 – 14:07
- यमगण्डअशुभ 07:07 – 08:52
- गुलिक कालअशुभ 10:37 – 12:22
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:23 – 19:21
- लाभ 05:23 – 07:07
- अमृत 07:07 – 08:52
- काल 08:52 – 10:37
- शुभ 10:37 – 12:22
- रोग 12:22 – 14:07
- उद्वेग 14:07 – 15:51
- चल 15:51 – 17:36
- लाभ 17:36 – 19:21
☾ रात 19:21 – 05:23
- उद्वेग 19:21 – 20:36
- शुभ 20:36 – 21:51
- अमृत 21:51 – 23:07
- चल 23:07 – 00:22
- रोग 00:22 – 01:37
- काल 01:37 – 02:52
- लाभ 02:52 – 04:08
- उद्वेग 04:08 – 05:23
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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