पंचांग · New Delhi
18 June 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:21
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पंचमी | तक 17:00 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आश्लेषा | तक 10:06 |
| योगसूर्य + चंद्र | हर्षण | तक 14:52 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 05:54 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:54 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:07 – 15:52
- यमगण्डअशुभ 05:23 – 07:08
- गुलिक कालअशुभ 08:52 – 10:37
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:23 – 19:21
- शुभ 05:23 – 07:08
- रोग 07:08 – 08:52
- उद्वेग 08:52 – 10:37
- चल 10:37 – 12:22
- लाभ 12:22 – 14:07
- अमृत 14:07 – 15:52
- काल 15:52 – 17:36
- शुभ 17:36 – 19:21
☾ रात 19:21 – 05:23
- अमृत 19:21 – 20:36
- चल 20:36 – 21:52
- रोग 21:52 – 23:07
- काल 23:07 – 00:22
- लाभ 00:22 – 01:37
- उद्वेग 01:37 – 02:53
- शुभ 02:53 – 04:08
- अमृत 04:08 – 05:23
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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