पंचांग · New Delhi
25 June 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:23
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल द्वादशी | तक 22:23 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 19:15 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्ध | तक 11:37 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 09:15 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:56 – 12:51
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:08 – 15:53
- यमगण्डअशुभ 05:24 – 07:09
- गुलिक कालअशुभ 08:54 – 10:39
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:24 – 19:23
- शुभ 05:24 – 07:09
- रोग 07:09 – 08:54
- उद्वेग 08:54 – 10:39
- चल 10:39 – 12:23
- लाभ 12:23 – 14:08
- अमृत 14:08 – 15:53
- काल 15:53 – 17:38
- शुभ 17:38 – 19:23
☾ रात 19:23 – 05:25
- अमृत 19:23 – 20:38
- चल 20:38 – 21:53
- रोग 21:53 – 23:08
- काल 23:08 – 00:24
- लाभ 00:24 – 01:39
- उद्वेग 01:39 – 02:54
- शुभ 02:54 – 04:09
- अमृत 04:09 – 05:25
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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