पंचांग · New Delhi
02 July 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
19:23
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण तृतीया | तक 11:21 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | श्रवण | तक 11:46 |
| योगसूर्य + चंद्र | विष्कुम्भ | तक 16:58 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 11:21 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:57 – 12:53
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:09 – 15:54
- यमगण्डअशुभ 05:27 – 07:11
- गुलिक कालअशुभ 08:56 – 10:40
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:27 – 19:23
- शुभ 05:27 – 07:11
- रोग 07:11 – 08:56
- उद्वेग 08:56 – 10:40
- चल 10:40 – 12:25
- लाभ 12:25 – 14:09
- अमृत 14:09 – 15:54
- काल 15:54 – 17:38
- शुभ 17:38 – 19:23
☾ रात 19:23 – 05:27
- अमृत 19:23 – 20:38
- चल 20:38 – 21:54
- रोग 21:54 – 23:09
- काल 23:09 – 00:25
- लाभ 00:25 – 01:41
- उद्वेग 01:41 – 02:56
- शुभ 02:56 – 04:12
- अमृत 04:12 – 05:27
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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