पंचांग · New Delhi
11 July 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
19:22
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वादशी | तक 02:05 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | कृत्तिका | तक 11:03 |
| योगसूर्य + चंद्र | गण्ड | तक 00:04 |
| करणआधी तिथि | कौलव | तक 15:47 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:54
- राहु कालनया काम न शुरू करें 08:58 – 10:42
- यमगण्डअशुभ 14:10 – 15:54
- गुलिक कालअशुभ 05:30 – 07:14
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:30 – 19:22
- काल 05:30 – 07:14
- शुभ 07:14 – 08:58
- रोग 08:58 – 10:42
- उद्वेग 10:42 – 12:26
- चल 12:26 – 14:10
- लाभ 14:10 – 15:54
- अमृत 15:54 – 17:38
- काल 17:38 – 19:22
☾ रात 19:22 – 05:31
- लाभ 19:22 – 20:38
- उद्वेग 20:38 – 21:54
- शुभ 21:54 – 23:10
- अमृत 23:10 – 00:26
- चल 00:26 – 01:42
- रोग 01:42 – 02:59
- काल 02:59 – 04:15
- लाभ 04:15 – 05:31
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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