पंचांग · New Delhi
31 July 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
19:13
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण द्वितीया | तक 22:33 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | धनिष्ठा | तक 19:26 |
| योगसूर्य + चंद्र | सौभाग्य | तक 23:52 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 10:05 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:54
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:45 – 12:27
- यमगण्डअशुभ 15:50 – 17:31
- गुलिक कालअशुभ 07:23 – 09:04
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:41 – 19:13
- चल 05:41 – 07:23
- लाभ 07:23 – 09:04
- अमृत 09:04 – 10:45
- काल 10:45 – 12:27
- शुभ 12:27 – 14:08
- रोग 14:08 – 15:50
- उद्वेग 15:50 – 17:31
- चल 17:31 – 19:13
☾ रात 19:13 – 05:42
- रोग 19:13 – 20:31
- काल 20:31 – 21:50
- लाभ 21:50 – 23:09
- उद्वेग 23:09 – 00:27
- शुभ 00:27 – 01:46
- अमृत 01:46 – 03:04
- चल 03:04 – 04:23
- रोग 04:23 – 05:42
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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