पंचांग · New Delhi
01 August 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
19:12
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण तृतीया | तक 23:08 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | शतभिषा | तक 20:45 |
| योगसूर्य + चंद्र | शोभन | तक 23:21 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 10:53 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:54
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:04 – 10:46
- यमगण्डअशुभ 14:08 – 15:49
- गुलिक कालअशुभ 05:42 – 07:23
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:42 – 19:12
- काल 05:42 – 07:23
- शुभ 07:23 – 09:04
- रोग 09:04 – 10:46
- उद्वेग 10:46 – 12:27
- चल 12:27 – 14:08
- लाभ 14:08 – 15:49
- अमृत 15:49 – 17:31
- काल 17:31 – 19:12
☾ रात 19:12 – 05:42
- लाभ 19:12 – 20:31
- उद्वेग 20:31 – 21:50
- शुभ 21:50 – 23:08
- अमृत 23:08 – 00:27
- चल 00:27 – 01:46
- रोग 01:46 – 03:05
- काल 03:05 – 04:24
- लाभ 04:24 – 05:42
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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