पंचांग · New Delhi
04 August 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
19:10
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण षष्ठी | तक 22:04 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | रेवती | तक 21:54 |
| योगसूर्य + चंद्र | धृति | तक 19:32 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 10:33 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:53
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:48 – 17:29
- यमगण्डअशुभ 09:05 – 10:46
- गुलिक कालअशुभ 12:27 – 14:07
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:43 – 19:10
- रोग 05:43 – 07:24
- उद्वेग 07:24 – 09:05
- चल 09:05 – 10:46
- लाभ 10:46 – 12:27
- अमृत 12:27 – 14:07
- काल 14:07 – 15:48
- शुभ 15:48 – 17:29
- रोग 17:29 – 19:10
☾ रात 19:10 – 05:44
- काल 19:10 – 20:29
- लाभ 20:29 – 21:48
- उद्वेग 21:48 – 23:08
- शुभ 23:08 – 00:27
- अमृत 00:27 – 01:46
- चल 01:46 – 03:05
- रोग 03:05 – 04:25
- काल 04:25 – 05:44
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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