पंचांग · New Delhi
05 August 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:09
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण सप्तमी | तक 20:43 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अश्विनी | तक 21:18 |
| योगसूर्य + चंद्र | शूल | तक 17:27 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 09:27 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:53
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:27 – 14:07
- यमगण्डअशुभ 07:25 – 09:05
- गुलिक कालअशुभ 10:46 – 12:27
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:44 – 19:09
- लाभ 05:44 – 07:25
- अमृत 07:25 – 09:05
- काल 09:05 – 10:46
- शुभ 10:46 – 12:27
- रोग 12:27 – 14:07
- उद्वेग 14:07 – 15:48
- चल 15:48 – 17:28
- लाभ 17:28 – 19:09
☾ रात 19:09 – 05:45
- उद्वेग 19:09 – 20:28
- शुभ 20:28 – 21:48
- अमृत 21:48 – 23:07
- चल 23:07 – 00:27
- रोग 00:27 – 01:46
- काल 01:46 – 03:06
- लाभ 03:06 – 04:25
- उद्वेग 04:25 – 05:45
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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