पंचांग · New Delhi
07 August 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
19:07
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण नवमी | तक 16:38 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | कृत्तिका | तक 18:43 |
| योगसूर्य + चंद्र | वृद्धि | तक 12:09 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 05:48 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 12:00 – 12:53
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:46 – 12:26
- यमगण्डअशुभ 15:47 – 17:27
- गुलिक कालअशुभ 07:25 – 09:06
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:45 – 19:07
- चल 05:45 – 07:25
- लाभ 07:25 – 09:06
- अमृत 09:06 – 10:46
- काल 10:46 – 12:26
- शुभ 12:26 – 14:07
- रोग 14:07 – 15:47
- उद्वेग 15:47 – 17:27
- चल 17:27 – 19:07
☾ रात 19:07 – 05:46
- रोग 19:07 – 20:27
- काल 20:27 – 21:47
- लाभ 21:47 – 23:07
- उद्वेग 23:07 – 00:27
- शुभ 00:27 – 01:46
- अमृत 01:46 – 03:06
- चल 03:06 – 04:26
- रोग 04:26 – 05:46
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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