पंचांग · New Delhi
11 August 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
19:04
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण चतुर्दशी | तक 01:54 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुनर्वसु | तक 10:09 |
| योगसूर्य + चंद्र | सिद्धि | तक 18:50 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 15:23 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:59 – 12:52
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:45 – 17:24
- यमगण्डअशुभ 09:07 – 10:46
- गुलिक कालअशुभ 12:26 – 14:05
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:47 – 19:04
- रोग 05:47 – 07:27
- उद्वेग 07:27 – 09:07
- चल 09:07 – 10:46
- लाभ 10:46 – 12:26
- अमृत 12:26 – 14:05
- काल 14:05 – 15:45
- शुभ 15:45 – 17:24
- रोग 17:24 – 19:04
☾ रात 19:04 – 05:48
- काल 19:04 – 20:25
- लाभ 20:25 – 21:45
- उद्वेग 21:45 – 23:06
- शुभ 23:06 – 00:26
- अमृत 00:26 – 01:46
- चल 01:46 – 03:07
- रोग 03:07 – 04:27
- काल 04:27 – 05:48
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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