पंचांग · New Delhi
12 August 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:03
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | कृष्ण अमावस्या | तक 23:07 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | पुष्य | तक 07:59 |
| योगसूर्य + चंद्र | व्यतीपात | तक 15:24 |
| करणआधी तिथि | चतुष्पाद | तक 12:28 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:59 – 12:52
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:26 – 14:05
- यमगण्डअशुभ 07:27 – 09:07
- गुलिक कालअशुभ 10:46 – 12:26
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:48 – 19:03
- लाभ 05:48 – 07:27
- अमृत 07:27 – 09:07
- काल 09:07 – 10:46
- शुभ 10:46 – 12:26
- रोग 12:26 – 14:05
- उद्वेग 14:05 – 15:44
- चल 15:44 – 17:24
- लाभ 17:24 – 19:03
☾ रात 19:03 – 05:48
- उद्वेग 19:03 – 20:24
- शुभ 20:24 – 21:45
- अमृत 21:45 – 23:05
- चल 23:05 – 00:26
- रोग 00:26 – 01:46
- काल 01:46 – 03:07
- लाभ 03:07 – 04:28
- उद्वेग 04:28 – 05:48
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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