पंचांग · New Delhi
13 August 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:02
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल प्रतिपदा | तक 20:42 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | आश्लेषा | तक 06:06 |
| योगसूर्य + चंद्र | वरीयान | तक 12:14 |
| करणआधी तिथि | किंस्तुघ्न | तक 09:51 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:59 – 12:52
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:05 – 15:44
- यमगण्डअशुभ 05:48 – 07:28
- गुलिक कालअशुभ 09:07 – 10:46
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:48 – 19:02
- शुभ 05:48 – 07:28
- रोग 07:28 – 09:07
- उद्वेग 09:07 – 10:46
- चल 10:46 – 12:25
- लाभ 12:25 – 14:05
- अमृत 14:05 – 15:44
- काल 15:44 – 17:23
- शुभ 17:23 – 19:02
☾ रात 19:02 – 05:49
- अमृत 19:02 – 20:23
- चल 20:23 – 21:44
- रोग 21:44 – 23:05
- काल 23:05 – 00:26
- लाभ 00:26 – 01:47
- उद्वेग 01:47 – 03:07
- शुभ 03:07 – 04:28
- अमृत 04:28 – 05:49
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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