पंचांग · New Delhi
15 August 2026
शनिवार · स्वामी शनि
सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
19:00
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल तृतीया | तक 17:30 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी | तक 03:25 |
| योगसूर्य + चंद्र | शिव | तक 07:07 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 06:04 |
| वारवार | शनिवार | शनि |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:59 – 12:51
- राहु कालनया काम न शुरू करें 09:07 – 10:46
- यमगण्डअशुभ 14:04 – 15:43
- गुलिक कालअशुभ 05:50 – 07:28
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:50 – 19:00
- काल 05:50 – 07:28
- शुभ 07:28 – 09:07
- रोग 09:07 – 10:46
- उद्वेग 10:46 – 12:25
- चल 12:25 – 14:04
- लाभ 14:04 – 15:43
- अमृत 15:43 – 17:22
- काल 17:22 – 19:00
☾ रात 19:00 – 05:50
- लाभ 19:00 – 20:22
- उद्वेग 20:22 – 21:43
- शुभ 21:43 – 23:04
- अमृत 23:04 – 00:25
- चल 00:25 – 01:46
- रोग 01:46 – 03:08
- काल 03:08 – 04:29
- लाभ 04:29 – 05:50
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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