पंचांग · New Delhi
16 August 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:59
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्थी | तक 16:53 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | हस्त | तक 03:50 |
| योगसूर्य + चंद्र | साध्य | तक 04:06 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 16:53 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:51
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:21 – 18:59
- यमगण्डअशुभ 12:25 – 14:03
- गुलिक कालअशुभ 15:42 – 17:21
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:50 – 18:59
- उद्वेग 05:50 – 07:29
- चल 07:29 – 09:07
- लाभ 09:07 – 10:46
- अमृत 10:46 – 12:25
- काल 12:25 – 14:03
- शुभ 14:03 – 15:42
- रोग 15:42 – 17:21
- उद्वेग 17:21 – 18:59
☾ रात 18:59 – 05:51
- शुभ 18:59 – 20:21
- अमृत 20:21 – 21:42
- चल 21:42 – 23:04
- रोग 23:04 – 00:25
- काल 00:25 – 01:46
- लाभ 01:46 – 03:08
- उद्वेग 03:08 – 04:29
- शुभ 04:29 – 05:51
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें