पंचांग · New Delhi
18 August 2026
मंगलवार · स्वामी मंगल
सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:58
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल षष्ठी | तक 17:51 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | स्वाति | तक 06:46 |
| योगसूर्य + चंद्र | शुक्ल | तक 03:21 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 17:51 |
| वारवार | मंगलवार | मंगल |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:51
- राहु कालनया काम न शुरू करें 15:41 – 17:19
- यमगण्डअशुभ 09:08 – 10:46
- गुलिक कालअशुभ 12:24 – 14:03
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:51 – 18:58
- रोग 05:51 – 07:29
- उद्वेग 07:29 – 09:08
- चल 09:08 – 10:46
- लाभ 10:46 – 12:24
- अमृत 12:24 – 14:03
- काल 14:03 – 15:41
- शुभ 15:41 – 17:19
- रोग 17:19 – 18:58
☾ रात 18:58 – 05:52
- काल 18:58 – 20:19
- लाभ 20:19 – 21:41
- उद्वेग 21:41 – 23:03
- शुभ 23:03 – 00:25
- अमृत 00:25 – 01:46
- चल 01:46 – 03:08
- रोग 03:08 – 04:30
- काल 04:30 – 05:52
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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