पंचांग · New Delhi
19 August 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:57
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल सप्तमी | तक 19:20 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | स्वाति | तक 06:46 |
| योगसूर्य + चंद्र | ब्रह्म | तक 03:42 |
| करणआधी तिथि | गर | तक 06:32 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:24 – 14:02
- यमगण्डअशुभ 07:30 – 09:08
- गुलिक कालअशुभ 10:46 – 12:24
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:52 – 18:57
- लाभ 05:52 – 07:30
- अमृत 07:30 – 09:08
- काल 09:08 – 10:46
- शुभ 10:46 – 12:24
- रोग 12:24 – 14:02
- उद्वेग 14:02 – 15:40
- चल 15:40 – 17:18
- लाभ 17:18 – 18:57
☾ रात 18:57 – 05:52
- उद्वेग 18:57 – 20:19
- शुभ 20:19 – 21:40
- अमृत 21:40 – 23:02
- चल 23:02 – 00:24
- रोग 00:24 – 01:46
- काल 01:46 – 03:08
- लाभ 03:08 – 04:30
- उद्वेग 04:30 – 05:52
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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