पंचांग · New Delhi
20 August 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:56
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल अष्टमी | तक 21:19 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | विशाखा | तक 09:07 |
| योगसूर्य + चंद्र | इन्द्र | तक 04:23 |
| करणआधी तिथि | विष्टि | तक 08:17 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 14:02 – 15:40
- यमगण्डअशुभ 05:52 – 07:30
- गुलिक कालअशुभ 09:08 – 10:46
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:52 – 18:56
- शुभ 05:52 – 07:30
- रोग 07:30 – 09:08
- उद्वेग 09:08 – 10:46
- चल 10:46 – 12:24
- लाभ 12:24 – 14:02
- अमृत 14:02 – 15:40
- काल 15:40 – 17:18
- शुभ 17:18 – 18:56
☾ रात 18:56 – 05:53
- अमृत 18:56 – 20:18
- चल 20:18 – 21:40
- रोग 21:40 – 23:02
- काल 23:02 – 00:24
- लाभ 00:24 – 01:46
- उद्वेग 01:46 – 03:08
- शुभ 03:08 – 04:31
- अमृत 04:31 – 05:53
शुभ सामान्य बचें
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