पंचांग · New Delhi
21 August 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:55
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल नवमी | तक 23:37 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | अनुराधा | तक 11:52 |
| योगसूर्य + चंद्र | वैधृति | तक 05:17 |
| करणआधी तिथि | बालव | तक 10:27 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:58 – 12:50
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:46 – 12:24
- यमगण्डअशुभ 15:39 – 17:17
- गुलिक कालअशुभ 07:31 – 09:08
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:53 – 18:55
- चल 05:53 – 07:31
- लाभ 07:31 – 09:08
- अमृत 09:08 – 10:46
- काल 10:46 – 12:24
- शुभ 12:24 – 14:01
- रोग 14:01 – 15:39
- उद्वेग 15:39 – 17:17
- चल 17:17 – 18:55
☾ रात 18:55 – 05:53
- रोग 18:55 – 20:17
- काल 20:17 – 21:39
- लाभ 21:39 – 23:02
- उद्वेग 23:02 – 00:24
- शुभ 00:24 – 01:46
- अमृत 01:46 – 03:09
- चल 03:09 – 04:31
- रोग 04:31 – 05:53
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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