पंचांग · New Delhi
23 August 2026
रविवार · स्वामी सूर्य
सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:52
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल एकादशी | तक 04:20 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | मूल | तक 17:44 |
| योगसूर्य + चंद्र | विष्कुम्भ | तक 06:13 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 15:12 |
| वारवार | रविवार | सूर्य |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:57 – 12:49
- राहु कालनया काम न शुरू करें 17:15 – 18:52
- यमगण्डअशुभ 12:23 – 14:00
- गुलिक कालअशुभ 15:38 – 17:15
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:54 – 18:52
- उद्वेग 05:54 – 07:31
- चल 07:31 – 09:08
- लाभ 09:08 – 10:46
- अमृत 10:46 – 12:23
- काल 12:23 – 14:00
- शुभ 14:00 – 15:38
- रोग 15:38 – 17:15
- उद्वेग 17:15 – 18:52
☾ रात 18:52 – 05:54
- शुभ 18:52 – 20:15
- अमृत 20:15 – 21:38
- चल 21:38 – 23:01
- रोग 23:01 – 00:23
- काल 00:23 – 01:46
- लाभ 01:46 – 03:09
- उद्वेग 03:09 – 04:32
- शुभ 04:32 – 05:54
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
अपनी व्यक्तिगत कुंडली रिपोर्ट लें