पंचांग · New Delhi
26 August 2026
बुधवार · स्वामी बुध
सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:49
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल त्रयोदशी | तक 08:00 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | श्रवण | तक 00:47 |
| योगसूर्य + चंद्र | सौभाग्य | तक 07:57 |
| करणआधी तिथि | तैतिल | तक 08:00 |
| वारवार | बुधवार | बुध |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:57 – 12:48
- राहु कालनया काम न शुरू करें 12:22 – 13:59
- यमगण्डअशुभ 07:32 – 09:09
- गुलिक कालअशुभ 10:46 – 12:22
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:55 – 18:49
- लाभ 05:55 – 07:32
- अमृत 07:32 – 09:09
- काल 09:09 – 10:46
- शुभ 10:46 – 12:22
- रोग 12:22 – 13:59
- उद्वेग 13:59 – 15:36
- चल 15:36 – 17:13
- लाभ 17:13 – 18:49
☾ रात 18:49 – 05:56
- उद्वेग 18:49 – 20:13
- शुभ 20:13 – 21:36
- अमृत 21:36 – 22:59
- चल 22:59 – 00:23
- रोग 00:23 – 01:46
- काल 01:46 – 03:09
- लाभ 03:09 – 04:33
- उद्वेग 04:33 – 05:56
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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