पंचांग · New Delhi
27 August 2026
गुरुवार · स्वामी गुरु
सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:48
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल चतुर्दशी | तक 09:09 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | धनिष्ठा | तक 02:15 |
| योगसूर्य + चंद्र | शोभन | तक 07:54 |
| करणआधी तिथि | वणिज | तक 09:09 |
| वारवार | गुरुवार | गुरु |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:56 – 12:48
- राहु कालनया काम न शुरू करें 13:59 – 15:35
- यमगण्डअशुभ 05:56 – 07:32
- गुलिक कालअशुभ 09:09 – 10:46
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:56 – 18:48
- शुभ 05:56 – 07:32
- रोग 07:32 – 09:09
- उद्वेग 09:09 – 10:46
- चल 10:46 – 12:22
- लाभ 12:22 – 13:59
- अमृत 13:59 – 15:35
- काल 15:35 – 17:12
- शुभ 17:12 – 18:48
☾ रात 18:48 – 05:56
- अमृत 18:48 – 20:12
- चल 20:12 – 21:35
- रोग 21:35 – 22:59
- काल 22:59 – 00:22
- लाभ 00:22 – 01:46
- उद्वेग 01:46 – 03:09
- शुभ 03:09 – 04:33
- अमृत 04:33 – 05:56
शुभ सामान्य बचें
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