पंचांग · New Delhi
28 August 2026
शुक्रवार · स्वामी शुक्र
सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:47
पंचांग के पाँच अंग
हर अंग वही है जो सूर्योदय के समय चल रहा था, और दिए गए समय तक रहता है।
| तिथिचंद्र दिवस | शुक्ल पूर्णिमा | तक 09:49 |
|---|---|---|
| नक्षत्रचंद्र नक्षत्र | शतभिषा | तक 03:13 |
| योगसूर्य + चंद्र | अतिगण्ड | तक 07:26 |
| करणआधी तिथि | बव | तक 09:49 |
| वारवार | शुक्रवार | शुक्र |
महत्वपूर्ण समय
सूर्योदय से दिन आठ भागों में बँटता है; परंपरा इन्हीं को चिह्नित करती है।
- अभिजित मुहूर्तसर्वाधिक शुभ 11:56 – 12:47
- राहु कालनया काम न शुरू करें 10:45 – 12:22
- यमगण्डअशुभ 15:34 – 17:11
- गुलिक कालअशुभ 07:33 – 09:09
चौघड़िया
दिन के आठ और रात के आठ भाग — किसी भी ज़रूरी काम का समय चुनने की पारंपरिक विधि।
☀ दिन 05:56 – 18:47
- चल 05:56 – 07:33
- लाभ 07:33 – 09:09
- अमृत 09:09 – 10:45
- काल 10:45 – 12:22
- शुभ 12:22 – 13:58
- रोग 13:58 – 15:34
- उद्वेग 15:34 – 17:11
- चल 17:11 – 18:47
☾ रात 18:47 – 05:57
- रोग 18:47 – 20:11
- काल 20:11 – 21:35
- लाभ 21:35 – 22:58
- उद्वेग 22:58 – 00:22
- शुभ 00:22 – 01:46
- अमृत 01:46 – 03:09
- चल 03:09 – 04:33
- रोग 04:33 – 05:57
शुभ सामान्य बचें
पंचांग पूरे शहर के लिए एक ही होता है। आपकी कुंडली नहीं।
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